Girta Sambhalta
演唱:Aditya N.、Nayantara Bhatkalकभी छुपता, कभी धप्पा करता
करता मन मर्ज़ी, कभी सुन भी लेता
तुझे देखकर ये दिल
गिरता संभलता
गिरता संभलता
बेपरवाह
चाहता है ये तुझको, नासमझ को ना समझ है
जो तू जाने सच को, और ना लौटे ये फ़िकर है
आगे बढ़ता, थोड़ा ठिठरता
तुझे देखकर ये दिल
गिरता संभलता
गिरता संभलता
बेपरवाह
तुझे देखकर ये दिल
करता मन मर्ज़ी, कभी सुन भी लेता
तुझे देखकर ये दिल
गिरता संभलता
गिरता संभलता
बेपरवाह
चाहता है ये तुझको, नासमझ को ना समझ है
जो तू जाने सच को, और ना लौटे ये फ़िकर है
आगे बढ़ता, थोड़ा ठिठरता
तुझे देखकर ये दिल
गिरता संभलता
गिरता संभलता
बेपरवाह
तुझे देखकर ये दिल