JAINAM JAYATI SHASNAM

演唱:Swasti Mehul
पहचान एक, श्रद्धान एक, जैनम् जयति शासनम्
नारा है एक, धारा है एक, जैनम् जयति शासनम्
आदिनाथ से महावीर तक, जैनम् जयति शासनम्
चारों दिशायें, यही गुनगुनायें, जैनम् जयति शासनम्
साथ गायें हम, आज दोहरायें , जैनम् जयति शासनम्
चारों दिशायें, यही गुनगुनायें, जैनम् जयति शासनम्
साथ गायें हम, आज दोहरायें , जैनम् जयति शासनम्
सात तत्त्वों को जिसने जाना है, वही तो जैन है
सात व्यसनों को जिसने त्यागा है, वही तो जैन है
जीता है इन्द्रियों को जिसने, वही तो जैन है
त्यागा है पाँच पापों को जिसने, वही तो जैन है
जिनधर्म है हमारा, नवकार है हमारा
जन्मे हैं जैन कुल में, यही मान है हमारा
बाँटो न हमको पंथों में कोई, एकता ही तो ढाल है
हो शिखरजी या तीर्थ गिरनार, एकता ही तो ढाल है
तीर्थ रक्षा में, धर्म रक्षा में, एकता ही तो ढाल है
स्वस्ति आवाहन करे, एकता ही तो ढाल है
जाति ना कोई, मत भी नना कोई, बस जैन ही पहचान है
बाँधो न हमको पंथों में कोई, बस जैन ही पहचान है
स्वस्ति आवाहन करे, एकता ही तो ढाल है
बाँटो न हमको पंथों में कोई, एकता ही तो ढाल है

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