Sukhkarta Dukhharta - Ganesh Aarti

演唱:Krsna Solo、Gucci Singh
सुख करता दुखहर्ता, वार्ता विघ्नाचीनूर्वी पूर्वी प्रेम कृपा जयाचीसर्वांगी सुन्दर उटी शेंदु राचीकंठी झलके माल मुकताफळांचीजय देव जय देव, जय मंगल मूर्तिदर्शनमात्रे मनःकमाना पूर्तिजय देव जय देवरत्नखचित फरा तुझ गौरीकुमराचंदनाची उटी कुमकुम केशराहीरे जडित मुकुट शोभतो बरारुन्झुनती नूपुरे चरनी घागरियाजय देव जय देव, जय मंगल मूर्तिदर्शनमात्रे मनःकमाना पूर्तिजय देव जय देव
लम्बोदर पीताम्बर फनिवर वंदनासरल सोंड वक्रतुंडा त्रिनयनादास रामाचा वाट पाहे सदनासंकटी पावावे निर्वाणी रक्षावे सुरवर वंदनाजय देव जय देव, जय मंगल मूर्तिदर्शनमात्रे मनःकमाना पूर्तिजय देव जय देवशेंदुर लाल चढायो अच्छा गजमुख कोदोन्दिल लाल बिराजे सूत गौरिहर कोहाथ लिए गुड लड्डू साई सुरवर कोमहिमा कहे ना जाय लागत हूँ पद कोजय जय जय जय जयजय जय जी गणराज विद्यासुखदाताधन्य तुम्हारो दर्शन मेरा मत रमताजय देव जय देव
अष्ट सिधि दासी संकट को बैरीविघन विनाशन मंगल मूरत अधिकारीकोटि सूरज प्रकाश ऐसे छबी तेरीगंडस्थल मद्मस्तक झूल शशि बहरीजय जय जय जय जयजय जय जी गणराज विद्यासुखदाताधन्य तुम्हारो दर्शन मेरा मत रमताजय देव जय देवभावभगत से कोई शरणागत आवेसंतति संपत्ति सबही भरपूर पावेऐसे तुम महाराज मोको अति भावेगोसावीनंदन निशिदिन गुण गावेजय जय जी गणराज विद्यासुखदाताधन्य तुम्हारो दर्शन मेरा मत रमताजय देव जय देव
कर्पूरगौरं करुणावतारं | संसारसारं भुजगेन्द्र हारं |
सदा बसन्तं हृदयारबिन्दे भबं भवानीसहितं नमामि ।।
घालीन लोटांगण, वंदीन चरण ।डोळ्यांनी पाहीन रुप तुझें ।प्रेमें आलिंगन, आनंदे पूजिन ।भावें ओवाळीन म्हणे नामा
त्वमेव माता च पिता त्वमेव।त्वमेव बंधुक्ष्च सखा त्वमेव ।त्वमेव विध्या द्रविणं त्वमेव ।त्वमेव सर्वं मम देवदेव
कायेन वाचा मनसेंद्रीयेव्रा, बुद्धयात्मना वा प्रकृतिस्वभावात ।करोमि यध्य्त सकलं परस्मे, नारायणायेति समर्पयामि
अच्युतं केशवं रामनारायणं कृष्णदामोदरं वासुदेवं हरिम।श्रीधरं माधवं गोपिकावल्लभं, जानकीनायकं रामचंद्र भजे
हरे राम हर राम, राम राम हरे हरे ।हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे
हरे राम हर राम, राम राम हरे हरे ।हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे

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